शुक्रवार, 26 नवंबर 2010

सार्मथ्य और कर्म


अगर हम अपने सार्मथ्यानुसार कर्म करेँ
तो हम अपने आप को अचंभित कर डालेँगेँ

1 टिप्पणी:

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

यक़ीनन .... सुंदर विचार

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