सोमवार, 1 नवंबर 2010

जीवन की सार्थकता

जीवन का अर्थ ही क्या रह जायेगा

यदि हममेँ सतत् प्रयत्न करने का साहस न रहेँ!

2 टिप्‍पणियां:

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत सुंदर

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

सच.... सुंदर विचार ...आभार

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...