गुरुवार, 9 फ़रवरी 2012

प्रेम को समझो


आप सचमुच किसी से प्रेम
करते हो या प्रेमी के साथ
रहना चाहते हो ;
तब आप एक दूसरे की
उपेक्षा मत करो।

इस तरह जियो कि अगला
एक नया व्यक्ति है और हर
रोज तुम्हेँ उसे रिझाना है,
मनाना है। एक दूसरे के
मालिक मत बनो।

आवेश और आत्मबल


आवेश और क्रोध को वश मेँ कर लेने से शक्ति बढ़ती है;

जब ये आवेश वश मेँ आ जाता है तो इसको आत्मबल मेँ बदला जा सकता है;

शनिवार, 17 दिसंबर 2011

जिँदगी


जिंदगी वैसी नहीँ है, जैसी आप कामना करते है।
यह तो वैसी है, जैसा आप इसे बनाते हैँ।

बुधवार, 30 नवंबर 2011

जैसा विचार वैसा कार्य


मनुष्य के कार्य आमतौर से उसके विचारोँ के परिणाम होते हैँ। यह विचार आन्तरिक विश्वासोँ का परिणाम होते हैँ।

मंगलवार, 11 अक्टूबर 2011

आलसी और परिश्रमी


आलसी मनुष्य अपने लक्ष्य तक कभी
नहीँ पहुँच पाता, किँतु कठोर परिश्रम करने वाला,
अपने प्रत्येक पल का सार्थक उपयोग करने वाला,
कभी भी अभावग्रस्त नहीँ रहता।

बुधवार, 28 सितंबर 2011

बुधवार, 14 सितंबर 2011

व्यक्तित्व


बुद्विमान व्यक्तियोँ की
प्रंशसा की जाती है;

धनवान व्यक्तियोँ से ईर्ष्या
की जाती है;

बलशाली व्यक्तियोँ से डरा
जाता है,

लेकिन विश्वास केवल
चरित्रवान व्यक्तियोँ पर
ही किया जाता है;

सोमवार, 5 सितंबर 2011

शनिवार, 6 अगस्त 2011

सांसो की सरगम से उपजा उल्लास


स्वर विज्ञान भी वायुतत्व
के सूक्ष्म उपयोग का विज्ञान
है जिसके द्वारा हम बहुत से
रोगोँ से अपने आपको
बचाकर रख सकते हैँ और
रोगी होने पर स्वर साधना
की मदद से उन रोगोँ को दूर
भी कर सकते हैँ।

मंगलवार, 2 अगस्त 2011

गुस्से के सात रंग


जिँदगी मेँ तबाही और
नुकसान के पीछे की वजह
को गुस्सा बताने वाले
पारंपरिक गुरूओँ के
सिद्वान्तोँ को अब एंगर
मैनेजमेँट के गुरू चुनौती दे
रहेँ हैँ । वे कहते हैँ , हर
कामयाबी के पीछे होता है
गुस्सा ।

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