सत्कर्मोँ से ही कल्याण लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सत्कर्मोँ से ही कल्याण लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 29 जुलाई 2011

सत्कर्मोँ से ही कल्याण


एक बार राजा जनक मुनि पाराशर जी के सत्संग के लिए पहुँचे । उन्होँने मुनिश्री से पूछा , 'मुनिवर , कौन-सा कर्म संपूर्ण प्राणियोँ के लिए लोक व परलोक , दोनोँ मेँ कल्याणकारी है ?'

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...